रोज रोज गिर कर भी

रोज रोज गिर कर भी - Greeting Shayari
रोज रोज गिर कर भी मुक्कमल
खड़ा हूँ,
ऐ मुश्किलों, देखो मे तुमसे कितना
बड़ा हूँ…!!!