Sharabi Shayari – कभी सोचते है की

Sharabi Shayari - Kabhi Sochte hai
कभी सोचते है की इस मुकाम पर जाएंगे,
कभी सोचते है उस मुकाम पर जाएंगे…
चार पैग के बाद सोचते है की कैसे अपने
मकान तक जाएंगे…………???